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सूचना का अधिकार

 

अधिनियम का संक्षिप्त इतिहास

    बेनेट कोलमैन बनाम यूनियन ऑफ इंडिया (एआईआर 1973 एससी 106) मुकदमे में माननीय सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार यह कहा है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1) के अंतर्गत प्रदान किए गए बोलने एवं अभिव्यक्ति के अधिकार के अंतर्गत सूचना का अधिकार भी सम्मिलित है। तत्पश्चात उपरोक्त उक्ति, सूचना का अधिकार अधिनियम, के रूप में वर्ष 2005 में परिवर्तित हुआ। अधिनियम की प्रस्तावना निम्नानुसार है:-

    “प्रत्येक लोक प्राधिकारी के कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के संवर्धन के लिए लोक प्राधिकारियों के नियंत्रणाधीन सूचना तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों के सूचना के अधिकार की व्यावहारिक शासन पद्धति स्थापित करने, एक केंद्रीय सूचना आयोग तथा राज्य सूचना आयोग का गठन करने और उनसे संबंधित या उनके आनुषंगिक विषयों का उपबंध करने के लिए अधिनियम.”

    सूचना का अधिकार अधिनियम – मूल अधिनियम के पाठ को यहाँ क्लिक करके एक्सेस करें।

    आरटीआई अधिनियम के तहत जानकारी के लिए आवेदन कैसे करें?

    सूचना की मांग करने वाले आवेदन केवल भारत के नागरिकों द्वारा ही की जा सकती है। सूचना प्राप्त करने के लिए अनुरोध, अधिनियम के खंड 6 के अनुरूप होना चाहिए जिसमें यह उल्लेखित किया गया है कि आवेदन लिखित रूप में या इलेक्ट्रोनिक माध्यम से अंग्रेजी या हिन्दी में या फिर उस क्षेत्र की राजभाषा में, जहां आवेदन किया जा रहा है, सार्वजनिक प्राधिकरण के जन सूचना अधिकारी को संबोधित करते हुए कानून के तहत लागू शुल्क के साथ, आवेदक द्वारा मांगी गई सूचना के विवरण को निर्दिष्ट करते हुए प्रस्तुत किया जाना है।

    आवेदक निम्नलिखित का अनुपालन करें:-

    • a) आवेदन में नागरिक की स्थिति को स्पष्ट करें।
    • b) सूचना प्रदान करने के लिए अनुरोध लिखित रूप में हो।
    • c)जवाब देने के लिए आवेदन में संपर्क विवरण (डाक पता, दूरभाष संख्या, फैक्स संख्या, ई-मेल पता) का उल्लेख होना चाहिए।

    आरटीआई आवेदन – कैसे प्रेषित करें?

    सूचना का अधिकार (शुल्क एवं लागत का विनियमन) नियम, 2005 के अनुसार, अधिनियम के तहत सूचना प्राप्त करने के लिए अनुरोध को `10 के आवेदन शुल्क के साथ जो उचित रसीद के सापेक्ष नकद या डिमांड ड्राफ्ट या बैंकर्स चेक या पीआईओ, सिंडिकेट बैंक के नाम पर देय भारतीय पोस्टल ऑर्डर के माध्यम से हो, प्रस्तुत किया जाना है। उन नागरिकों के संबंध में जो अधिनियम के अनुसार उपरोक्त शुल्क के भुगतान के लिए छूट का दावा कर रहे हैं, उन्हें आवश्यक रूप से संबंधित प्राधिकरण से उचित एवं प्रमाणिक सबूत संलग्न करना है जो यह कि वे गरीबी रेखा से नीचे की श्रेणी के हैं।

    आरटीआई आवेदन – किससे सूचना मांगी जा सकती है

    इस अधिनियम के तहत सूचना की मांग उस जन सूचना अधिकारी से की जा सकती जिसके पास यह सूचना उपलब्ध होगी। नीचे दिये गए लिंक में बैंक के पीआईओ की सूची उनके क्षेत्राधिकार संबंधी विवरण के साथ दी गई है। यहाँ क्लिक करें।

    अधिनियम के तहत सूचना उपलब्ध कराने के लिए लागू शुल्क/प्रभार

    पीआईओ, सूचना उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त सूचना प्रदान करने हेतु निम्नानुसार शुल्क प्रभारित करने के लिए हकदार है:-

    • पृष्ठ (ए-4 या ए-3 आकार के) के सृजन या की प्रति निकालन के लिए प्रत्येक पृष्ठ के लिए `2/-
    • बड़े पन्ने में सूचना प्रदान करने के लिए वास्तविक प्रभार या प्रतिलिपि मूल्य
    • प्रत्येक डिस्क या फ्लॉपी `50/-
    • सैपंल या मॉडल के वास्तविक लागत या शुल्क
    • रिकॉर्ड के निरीक्षण के लिए, प्रथम घंटे के लिए कोई शुल्क नहीं; तत्पश्चात प्रत्येक घंटे (या उसके अंश के) के लिए शुल्क के रूप में `5/-
    • मुद्रित रूप में दी गई जानकारी के लिए ऐसे प्रकाशन के लिए निर्धारित लागत पर या प्रकाशन से उद्धरण प्रदान करने के लिए फोटोकॉपी प्रभार, दो रुपये प्रति पृष्ठ।

    सूचना का अधिकार (शुल्क एवं लागत का विनियमन) नियम, 2005 को यहाँ क्लिक करके एक्सेस किया जा सकता है।

    आरटीआई आवेदन – अपील हेतु प्रावधान

    यदि आवेदक पीआईओ द्वारा दिये गए जवाब से संतुष्ट नहीं है तो उत्तर प्राप्त होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर संबंधित अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है। अपीलीय प्राधिकारी की सूची नीचे लिंक के रूप में दी गई है। यहाँ क्लिक करें।

    आरटीआई आवेदन – केंद्रीय सूचना आयोग को द्वितीय अपील की प्रस्तुति

    यदि आवेदक अपीलीय प्राधिकारी द्वारा दिये गए जवाब से संतुष्ट नहीं है तो उत्तर प्राप्त होने की तारीख से 90 दिनों के भीतर सीआईसी से संपर्क कर सकता है। सीआईसी का पता नीचे दिया गया है:

    केंद्रीय सूचना आयोग,
    दूसरा तल, बी विंग, अगस्त क्रांति भवन
    भीकाजी कामा प्लेस, नई दिल्ली – 110066
    सार्वजनिक प्राधिकरण के खिलाफ द्वितीय अपील को /अपील सीआईसी वेबसाइट पर ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके लिए लिंक नीचे दिया गया है:- :
    http://dsscic.nic.in/online-appeal-application/onlineappealapplication

    आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल

    हमारे बैंक ने आरटीआई के लिए ऑनलाइन पोर्टल के लिए कार्मिक मंत्रालय के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के पहलों, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, भारत सरकार जहां सूचना के लिए अनुरोध ऑनलाइन किया जा सकता है। इस पोर्टल के लिए लिंक नीचे दिया गया है:- :
    https://rtionline.gov.in/

    आरटीआई अधिनियम – आरटीआई अधिनियम के भाग 4 के तहत RTI Act – स्वतः प्रकटीकरण

    अधिनियम में कथित प्रावधानों के अनुसार हमारे बैंक ने कथित अधिनियम द्वारा यथापेक्षित सूचना को प्रकटीकृत किया है, जो छूट के अधीन है। उक्त सूचना को निम्नांकित लिंक के जरिए अक्सेस किया जा सकता है।
    https://www.syndicatebank.in/english/RTI_MANDATORY-DISCLOSURES.aspx

    बैंक की वेबसाइट में उपलब्ध कराई गई जानकारी

    हम अपने सभी उत्पादों/सेवाओं/सुविधाओं के साथ-साथ अन्य सूचनाओं किसी अन्य जानकारी को हमारी बैंक की वेबसाइट के माध्यम से अद्यतित किया है और इसे जनता एक्सेस कर सकती है।

    वित्तीय परिणाम

    बैंक के वित्तीय परिणाम को निम्नलिखित लिंक पर क्लिक करके देखा जा सकता है:-
    https://www.syndicatebank.in/english/FinancialResults.aspx

    वार्षिक रिपोर्ट

    बैंक की वार्षिक रिपोर्ट को निम्नलिखित लिंक पर क्लिक करके देखा जा सकता है:-
    https://www.syndicatebank.in/english/AnnualReports.aspx

डिस्क्लेमर: इस वेबसाइट की सामग्री पूरी तरह से सूचनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए है। यह किसी भी प्रकार के कारोबार की सिफ़ारिश नहीं करता है।

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