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भारतीय रिज़र्व बैंक - नागरिक अधिकार पत्र

 

भारतीय रिजर्व बैंक मुद्रा प्रबंधन विभाग

1. नागरिक अधिकार पत्र का उद्देश्य

  • नागरिक अधिकार पत्र में नोटों तथा सिक्कों के विनिमय के मामले में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाओं तथा भारतीय रिजर्व बैंक के निर्गम कार्यालयों तथा वाणिज्यिक बैंक शाखाओं द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं से संबंधित सामान्य मानदंडों की सूचना प्रदान की जाती है ।

2. भारतीय रिज़र्व बैंक के निर्गम कार्यालयों में उपलब्ध सेवाएं

  • निर्गम विभागों से युक्त भारतीय रिजर्व बैंक के कार्यालयों में आम जनता को गंदे तथा कटे-फटे नोटों सहित नोटों तथा अप्रचलित एवं क्षतिग्रस्त सिक्कों सहित सिक्कों के विनिमय की सुविधा उपलब्ध होती है । अपने काउंटरों के ज़रिए कारोबार समय के दौरान नि:शुल्क विनिमय सुविधा उपलब्ध करने के लिए बैंक वचनबद्ध है ।

3. विनिमय सुविधा उपलब्ध कराने वाले भारतीय रिजर्व बैंक के कार्यालयों के नाम

  • बैंक के अहमदाबाद, बेंगलूर, बेलापुर (नवी मुंबई), भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नै, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कानपुर, कोच्ची, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, पटना तथा तिरुवनंतपुरम स्थित क्षेत्रीय कार्यालयों के काउंटरों पर विनिमय सुविधा उपलब्ध कराई गई है । .

4 . सिक्का वितरक मशीनों के ज़रिए नोटों का सिक्कों में विनिमय

  • आम जनता भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय कार्यालयों के बैंकिंग हॉल में लगाए गए सिक्का वितरक मशीनों के माध्यम से नोटों का विनिमय सिक्कों में कर सकती है ।

5. गंदे तथा कटे-फटे नोटों तथा सिक्कों का बैंकों के आम काउंटरों पर विनिमय: आम जनता बैंक काउंटरों पर निम्नलिखित सेवाओं का लाभ उठा सकती है :

  • (a) गंदे नोटों का विनिमय: ऐसा नोट जो मैला-कुचैला हो गया है या जो निरंतर उपयोग के कारण मामूली रूप से फट गया है या तेल, रंग, स्याही आदि के गिरने से जिसका स्वरूप बिगड गया है, उसे गंदा नोट माना जाएगा । विनिमय प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए उन नोटों को भी गंदा नोट माना जाएगा, जो मध्य भाग में या उसके नज़दीक ऊपर से नीचे की ओर कट गए हैं, परंतु उनकी संख्या ज्यों की त्यों हो । ऐसे नोटों को किसी भी परिस्थिति में विनिमय हेतु स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिन पर राजनैतिक या धार्मिक नारे लिखे गए हैं ।
  • (b) कटे-फटे नोटों का विनिमय : कटा-फटा नोट उसे कहा जाता है, जिसका एक अंश नष्ट हो गया है या जो कई टुकडों को मिलाकर बनाया गया है, बशर्ते प्रस्तुत किए गए नोट का क्षेत्र कुल नोट के क्षेत्र के आधे से कम न हो और यदि उसे टुकडों को जोड़कर बनाया गया है तो
  • (c) अप्रचलित सिक्कों सहित सिक्कों का नोटों में विनिमय ।.

6. तीन ताले युक्त आवक पेटियों या डाक द्वारा प्राप्त कटे-फटे नोटों का विनिमय .

  • अपने कटे-फटे नोटों को बैंक काउंटरों में जमा करने के लिए जिनके पास समय नहीं है, उनके लिए बैंक कार्यालयों में कटे-फटे नोटों को जमा करने के लिए तीन तालायुक्त बक्सा उपलब्ध है, जिसे 'ट्रिपल लॉक रिसेप्टकल(टीएलआर)' कहते हैं । टीएलआर बक्सा एक विशिष्ट काउंटर के पास रखा जाता है और पूछताछ काउंटर पर उपलब्ध लिफाफे में नोट डालकर बंद करके उसे बक्से में डाल सकते हैं । जमा करने वालों को कवर के ऊपर जमा किए जाने वाले नोटों के ब्यौरे, अपना नाम, पता तथा बैंक खाता संख्या लिखना होगा । आम जनता बीमाकृत एवं पंजीकृत डाक के ज़रिए भी कटे-फटे नोट भारतीय रिज़र्व बैंक के कार्यालयों को भेज सकती है । अपने हित को ध्यान में रखते हुए इस प्रकार के लिफाफों को बीमाकृत एवं पंजीकृत डाक के ज़रिए भेजना चाहिए । नोट वापसी नियमों के अनुसार देय पाए जाने वाले नोटों का विनिमय मूल्य इलैक्ट्रॉनिक समाशोधन सेवा के ज़रिए जमा कर्ता के बैंक खाते में जमा किया जाता है, जो वर्तमान में निशुल्क रूप से किया जाता है । यदि जमा कर्ता का कोई बैंक खाता नहीं है या उसके निवास स्थान पर समाशोधन सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं तो विनिमय मूल्य का प्रेषण जमा कर्ता के खर्च पर बैंक ड्राफ्ट या मनी ऑर्डर के द्वारा किया जाता है । टीएलआर सुविधा केवल कटे-फटे नोटों के मामले में ही उपलब्ध है, यह गंदे नोटों के मामले में उपलब्ध नहीं है ।

7.सेवा संबंधी सामान्य शर्तें

  • संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय के कारोबार समय के दौरान बैंक के काउंटरों पर विनिमय सुविधा नि:शुल्क रूप से उपलब्ध है ।
  • बैंक के प्रत्येक कार्यालय के बैंकिंग हाल में उस काउंटर की क्रम संख्या का उल्लेख किया जाता है, जहाँ पर विनिमय सुविधा उपलब्ध है ।
  • सामान्य कारोबार समय की समाप्ति के बाद एक घंटे तक टीएलआर बक्से में बंद लिफाफों में कटे-फटे नोट जमा किए जा सकते हैं ।
  • कटे-फटे नोटों का विनिमय भारतीय रिजर्व बैंक (नोट वापसी) नियमों के अंतर्गत सौहार्द्रवश किया जाता है । कटे-फटे नोटों को इन नियमों के अंतर्गत विनिमय के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर उन्हें अस्वीकार कर दिया जाता है और इस से संबंधित सूचना जमाकर्ता को दी जाती है । अस्वीकृत नोट बैंक के पास रखे जाते हैं और चार महीने बाद नष्ट कर दिए जाते हैं ।
  • नकली/जाली पाए जाने वाले नोटों/सिक्कों को जब्त कर लिया जाता है और उनके मूल्य का भुगतान नहीं किया जाता । ऐसे नोटों/सिक्कों के बारे में जमा कर्ता को सूचना देकर उन्हें बैंक के पास रखा जाता है ।
  • भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी बैंक नोटों की सुरक्षा से जुडी विशिष्टताओं को आम जनता की सूचना के लिए बैंक के वेबसाइट http://www.rbi.org.in/currency/banknotes.html पर दिया गया है ।
  • यदि आम जनता को भारतीय रिजर्व बैंक के किसी कार्यालय से उपर्युक्त विनिमय सुविधा का लाभ उठाने में किसी भी प्रकार की कठिनाई महसूस हो रही है या किसी प्रकार के रिश्वत की माँग की जाती है तो, वे या तो क्षेत्रीय कार्यालय के पूछताछ काउंटर पर उपलब्ध शिकायत पुस्तिका में शिकायत दर्ज कर सकते हैं या संबंधित भारतीय रिजर्व बैंक कार्यालय के निर्गम विभाग के प्रभारी अधिकारी को इसकी सूचना दे सकते हैं । प्रभारी अधिकारियों के पदनाम और पते अनुबंध में दिए गए हैं ।
  • भारतीय रिजर्व बैंक के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा आम जनता के साथ शिष्टतापूर्वक और सहानुभूतिपूर्वक बर्ताव किया जाएगा । ग्राहकों की पूछताछ और शिकायतों के संबंध में कर्मचारियों का रवैया सहयोगपूर्ण रहेगा और उस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

8. गंदे तथा कटे-फटे नोटों और सिक्कों का वाणिज्यिक बैंकों के काउंटरों पर विनिमय

  • रिजर्व बैंक के कार्यालय कुछ चुने हुए केन्द्रों पर ही स्थित हैं । इसलिए बैंक ने अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की शाखाओं में गंदे नोटों के विनिमय तथा नोटों का सिक्कों में और सिक्कों का नोटों में विनिमय करने की सुविधा की व्यवस्था की है । गंदे नोटों के विनिमय की सुविधा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सभी शाखाओं में और निजी क्षेत्र के बैंकों की करेंसी चेस्ट युक्त शाखाओं में उपलब्ध है, परंतु कटे-फटे नोटों के विनिमय की सुविधा केवल वाणिज्यिक बैंकों की करेंसी चेस्ट युक्त शाखाओं में ही उपलब्ध है । भारतीय रिजर्व बैंक कार्यालयों के पूछताछ काउंटरों पर उन करेंसी चेस्ट युक्त शाखाओं की सूची उपलब्ध है, जहाँ कटे-फटे नोटों का विनिमय किया जा सकता है । इस प्रकार के करेंसी चेस्ट युक्त शाखाओं को कटे-फटे नोटों के विनिमय की सुविधा की उपलब्धता के बारे में सूचना पट्ट प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया गया है । यदि इस प्रकार की किसी शाखा द्वारा विनिमय सुविधा उपलब्ध करने से इनकार किया जाता है तो आम जनता संबंधित वाणिज्यिक बैंक के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यपालक अधिकारी से शिकायत कर सकती है । यदि शिकायत का निवारण नहीं होता है तो मामले की जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को दी जा सकती है ।
  • अन्य बैंकों यानि सहकारी बैंकों तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों से भी अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार नोटों और सिक्कों के विनिमय की सुविधा उपलब्ध कराएं । तथापि कटे-फटे नोटों के विनिमय का अधिकार उन्हें नहीं है ।

9. सुझाव/टिप्पणियाँ

  • इस नागरिक अधिकार पत्र के मामले में कोई नागरिक अपना सुझाव देना/टिप्पणी करना चाहता है तो वह मुख्य महा प्रबंधक, मुद्रा प्रबंधन विभाग, केन्द्रीय कार्यालय, शहीद भगतसिंह मार्ग, मुंबई 400 001 को पत्र लिख सकता है ।

डिस्क्लेमर: इस वेबसाइट की सामग्री पूरी तरह से सूचनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए है। यह किसी भी प्रकार के कारोबार की सिफ़ारिश नहीं करता है।

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