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सी वी सी - सार्वजनिक हित प्रकटीकरण

 
केंद्रीय सतर्कता आयोग के कार्यालय ज्ञापन सं. 004/वीजीएल/26(कार्यालय आदेश सं.33/5/2004) दि. 17.05.2004 द्वारा प्रेषित सार्वजनिक सूचनाएं


सार्वजनिक हित प्रकटीकरण एवं सूचना देनेवाले के संरक्षण पर भारत सरकार संकल्प

  1. भारत सरकार ने केंद्रीय सतर्कता आयोग को 'प्राधिकृत ऐजेंसी' के रूप में, भ्रष्टाचार के आरोप या पद/कार्यालय के दुरुपयोग हेतु लिखित शिकायतें प्राप्त करना एवं सभी कार्रवाई की सिफारिश करने के लिए प्राधिकृत किया है।
  2. इस संबंध में आयोग का कार्यक्षेत्र - केंद्रीय सरकार या केंद्रीय अधिनियम के तहत स्थापित कोई निगम, सरकारी कंपनियाँ, सोसाईटी या केंद्रीय सरकार द्वारा नियंत्रित स्थानीय प्राधिकारों के कर्मचारी तक ही सीमित है। इस आयोग की सीमा क्षेत्र के तहत राज्य सरकार द्वारा नियोजित कार्मिक एवं राज्य सरकार के कार्यकलाप या उनके निगम आदि नहीं आते हैं।
  3. इस संबंध में आयोग का यह दायित्व बनता है कि शिकायतकर्ता के ब्यौरों को गोपनीय रखें तथा सलाह दी जाती है कि निम्नलिखित का पालन करें।

  4. शिकायत को बंद/सुरक्षित लिफाफे में रखना चाहिए ।
    उस लिफाफे को सचिव, केंद्रीय सतर्कता आयोग को संबोधित करें तथा लिफाफे के ऊपर 'सार्वजनिक हित प्रकटीकरण' के तहत लिखकर भेजें। अगर लिफाफे के ऊपर इसे लिखे बिना बंद किया जाता है तो, आयोग उपर्युक्त संकल्प के तहत शिकायतकर्ता की रक्षा नहीं कर पाएगा तथा शिकायत को आयोग की सामान्य शिकायत नीति के जैसे विचार किया जाएगा। शिकायतकर्ता को शिकायत के प्रारंभ या अंत या संलग्नक पत्र में अपना नाम एवं पता लिखना चाहिए।
    यह आयोग, अनाम/गुमनाम शिकायतों पर ध्यान नहीं देता।
    शिकायत का विषय इस तरह लिखा जाए कि शिकायतकर्ता के ब्यौरों या पहचान का संकेत भी न मिले। फिर भी, शिकायत के ब्यौरे सही एवं सत्यापनीय हो।

    अत: शिकायर्ता के नाम/पता की रक्षा करने के लिए, आयोग पावती नहीं देता है और उत्तेजकों(विज़ल ब्लोवर्स) को सलाह दी जाती है कि उनके अपनी हित के लिए आयोग से और कोई पत्राचार न करें। आयोग यहा आश्वासन दिलाता है कि विषय के तथ्यों के सत्यापन के बाद भारत सरकार के उक्त संकल्प के तहत आवश्यक कार्रवाई करेगा तथा अगर स्पष्टीकरण की आवश्यकता हो तो, आयोग शिकायतकर्ता से संपर्क करेगा।


  5. अगर शिकायतकर्ता कोई उत्प्रेरित करनेवाली/खिजानेवाली शिकायतें प्रस्तुत करता है तो, आयोग संकल्प के तहत शिकायतकर्ता के विरुद्ध कार्रवाई कर सकता है।
  6. कमिशन के वेबसाईट http.//www.cvc.in पर केंद्रीय सतर्कता आयोग, आई एन ए, सतर्कताभवन, नई दिल्ली द्वारा सार्वजनिक हित में जारी की गयी ब्यौरेवार अधिसूचना की प्रति उपलब्ध है।

Issued in public Interest by the Central Vigilance Commission, INA Satarkta Bhawan New Delhi

ह/-
सचिव
केन्द्रीय सतर्कता आयोग

~~~~~~

केंद्रीय सतर्कता आयोग, नई दिल्ली0 के दि: 12.03.1999 की अधिसूचना सं. 8 (1) (g)/99/(4) और दि: 17.05.2004 के. DO पत्र99:VGL:16-8003 के तत्सं बंधी संशोधन :

रिश्वखत ना दें। अगर इस बैंक का कोई व्ययक्ति रिश्वशत मांगता है या अगर आप को इस बैंक में किसी के भ्रष्टायचार पर कोई सूचना मिलती है या आप इस बैंक में भ्रष्टावचार के शिकार हैं तो, आप विभागाध्यभक्ष या मुख्य‍ सतर्कता अधिकारी एवं केंद्रीय सतर्कता आयोग को शिकायत कर सकते हैं। उनका पता निम्नखलिखित है:


श्री जॉर्ज एम कुरियन
मुख्यज सतर्कता अधिकारी
सिंडिकेटबैंक
2 क्रॉस, गांधीनगर
बेंगलूरु 560 009.
Telephone
का. : 080-22267741
नि: 080-26481428
सचिव
केंद्रीय सतर्कता आयोग
सतर्कता भवन
जीपीओ कांम्लेकता क्स1
ब्लॉओक – ए, आईएनए
नई दिल्ी्म्र 110 023.

दूरभाष : 011-24618891

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