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ग्राहकों की शिकायतों के निवारण या ग्राहक सेवा में सुधार लाने के लिए सुझाव देने हेतु बैंक के सभी कार्यालयों,शाखाओं,क्षेत्रीय कार्यालयों ,नैगम कार्यालय में प्रत्येक माह की 15 तारीख को " ग्राहक दिवस’’ के रूप में मनाया जाता है (यदि 15वीं तारीख को छुट्टी हो या कार्य दिवस आधे दिन का हो तो अगले दिन ।).
ग्राहक, इस दिन अपराह्न 3:00 बजे से 5.00 बजे के बीच बैंक के वरिष्ठ / उच्च कार्यपालक जिसमें अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भी शामिल हैं, से मिल सकते हैं, इसके लिए पूर्वानुमति की आवश्यकता नहीं है ।
(क) अगर कोई शिकायत हो, तो तत्काल निवारण के लिए सब से पहले उसे संबंधित शाखा प्रबंधक के ध्यान में लाया जाना चाहिए ।
(ख) यदि शिकायतकर्ता की शिकायत निवारण से संतुष्टि नहीं है, तो इसे, क्षेत्रीय प्रबंधक (जो हमारे क्षेत्रीय कार्यालयों में शिकायत हेतु नोडल अधिकारी हैं।) को उनके संपर्क पते पर ध्यान में लाया जाए ( संपर्क पते .)
(सी) इसके बावजूद, यदि शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं है तो वह मामले को पूरा विवरण देते हुए नीचे दिए पते पर, बैंक के नियंत्रण अधिकारी/ नोडल अधिकारी,नैगम कार्यालय बेंगलूरू को अपनी शिकायत दे सकता है:
श्री यू गणेश कामत
महाप्रबंधक
सिंडिकेट बैंक, नैगम कार्यालय
आयोजना एवं विकास विभाग
सिंडिकेट बैंक बिल्डिंग
2 क्रॉस, गांधीनगर
बेंगलूरू - 560009
फोन: 080-22260281
फैक्स: 080-22208960
आवश्यकता पड़ने पर ग्राहक , संबंधित विभागीय प्रमुखों से भी संपर्क कर सकते हैं।
(डी), अगर ग्राहक, ऊपर बताए गए सभी चैनलों / कार्य प्रणालियों का उपयोग करने के बावजूद पूरी तरह संतुष्ट नहीं है तो वह बैंक के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक को लिख सकता है. ।
(इ) यदि शिकायतकर्ता को लगता है कि अभी भी उसकी शिकायतों का निवारण नहीं हुआ है,तो निम्नलिखित को लिख सकते है:
 | ग) सार्वजनिक शिकायतों का महानिदेशालय, भारत सरकार, मंत्रिमंडल का सचिवालय, संसद मार्ग, नई दिल्ली. |
 | भारतीय रिजर्व बैंक : बैंकिंग लोकपाल योजना,2006 के तहत, देश के चयनित केन्द्रों में बैंकिंग लोकपाल स्थित हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की संशोधित बैंकिंग लोकपाल योजना,2006 के पूरे पाठ को देखने / डाउनलोड करने हेतु यहॉं क्लिक करें। |
 | उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत जिला उपभोक्ता फोरम से संपर्क कर सकते हैं।. |
गुमनाम शिकायतों पर विचार नहीं किया जाएगा । अगर शिकायत ग़लत /झूठी हो तो बैंक को पूरा अधिकार प्राप्त है कि वह शिकायतकर्ता के विरुद्ध कार्रवाई करे।
 | 01.07.2011 से 30.09.2011 तक की ग्राहक शिकायत एवं निवारण अवधि की स्थिति |
 | क्षतिपूर्ति पॉलिसी हैं जो,खातों में अनधिकृत नामे डालने,भुगतान रोको आदेश की पावती के बाद चेकों की अदायगी, भारत में विप्रेषण भुगतान ऋण देने से संबंधित क्षत्रों को कवर करती हैं। |
देश भर मे हमारी शाखाओं/सीबीएस /एटीएम से संपर्क विवरण के लिए कृपया इस वेबसाइट के बाएं पैनल के होम पेज पर हमारी शाखा लोकेटर या अन्य वेब पृष्ठ की सुविधा का प्रयोग करें।
मृप्यु दावा के निपटान के लिए आवश्यक सूचना - सूची (देखें / डाउनलोड करें).
मृत्यु की आस्तियों के दावे हेतु प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों के प्रोफार्मा को यहॉं से डाउनलोड किया जा सकता है ।
सिंडिकेटबैंक भारतीय बैंकिंग संहिता और मानक बोर्ड का सदस्य है (बी सी एस बी आइ ) इस बोर्ड की स्थापना वर्ष 2005-2006 में वार्षिक नीति विवरण के अनुसार की गई । इसे भारतीय बैंक संघ द्वारा उचित व्यवहार संहिता के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए स्थापित किया गया।बैंकों द्वारा बीसीएससीआइ में सदस्यता का यह उद्देश्य है कि इससे ग्राहकों का बैंकों के प्रति विश्वास बढ़ेगा।
बीसीएसबीआइ को एक स्वतंत्र स्वायत्तता निकाय के रूप में स्थापित किया गया ताकि वह यह सुनिश्चित करें कि बैंक, ग्राहकों को दी जाने वाली सेवाओं हेतु स्वैच्छिक रूप से अपनाई गई बैंकिंग संहिता और मानकों का पालन कर रहे हैं । बीसीएसबीआई का उददेश्य यही है कि वह सुनिश्िचत करे कि भारत में बैंक एक स्वैच्छिक कोड का पालन करे ताकि बैंकिंग सेवाओं का व्यक्तिगत लाभ उठाने वाले ग्राहकों के निष्पादन एवं पारदर्शी सेवा का लाभ प्राप्त हो।. यह स्वैच्छिक कोड ग्राहकों को व्यक्तिगत संरक्षण प्रदान करता है साथ ही, यह भी बताता है कि ग्राहकों की दैनंदिक परिचालन के दौरान बैंकों से किस तरह की अपेक्षाएं हैं। भारतीय बैंकिंग संहिता और मानक बोर्ड इस कोड की निगरानी करता है।
 | हमारे पास आपके खाते की देख रेख की अधिक जानकारी के करें और ना करें के लिए यहॉं क्लिक करें। |
 | बीसीएसबीआई कोड अनुपालन अधिकारियों के संपर्क ब्यौरों को देखें / डाउनलोड करें. |
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